संदेश

संत श्री दुलाराम जी कुलरिया लेबल वाली पोस्ट दिखाई जा रही हैं

पौत्र रत्न प्राप्ति पर नरसी कुलरिया ने राम मन्दिर निर्माण हेतु दिया सवा दो करोड़ का योगदान

चित्र
   देश के जाने-माने उद्योगपति, नरसी ग्रुप के सीएमडी, विश्वकर्मा समाज के गौरव भामाशाह नरसी कुलरिया ने पौत्र रत्न प्राप्त होते ही अयोध्या में राम मन्दिर निर्माण हेतु सवा दो करोड़ रूपये का योगदान दिया है। यह योगदान सिर्फ उनकी प्रसन्नता का ही नहीं बल्कि उनके पूज्य पिता ब्रह्मलीन सन्त दुलाराम कुलरिया के दानवीरता संस्कार की परिपाटी है। नरसी कुलरिया के पुत्र जगदीश कुलरिया को पुत्र रत्न की प्राप्ति हुई है। प्रत्येक शुभ अवसर पर दान करना कुलरिया परिवार की परिपाटी रही है। ब्रह्मलीन सन्त दुलाराम कुलरिया के त्रिरत्न भंवर-नरसी-पुनम कुलरिया की दानवीरता किसी से छिपी नहीं है। कुलरिया परिवार ने घर में नये सदस्य के पदार्पण पर अबकी बार ऐतिहासिक निर्णय लेते हुये हिन्दू धर्म के प्रतीक, सदियों से प्रतीक्षारत अयोध्या में भगवान राम के भव्य मन्दिर निर्माण के लिये 2 करोड़ 25 लाख का योगदान दिया है। नरसी कुलरिया के इस योगदान का  से स्वागत करते हुये आभार व्यक्त करता है। सदैव सनातन धर्म की रक्षा के लिये समर्पित नरसी कुलरिया का यह योगदान सभी हिन्दुओं को गौरवान्वित करने वाला है। आपका यह नन्हा नंदन वर्चस्व ...

भामाशाह श्री नरसी जी कुलरिया ने 5 लाख रुपये श्री कृष्ण गोपाल गौशाला नागौर को गौ सेवार्थ में भेंट दिये

चित्र
आज #गौ_भक्त_ब्रह्मलीन_संतश्री_दुलारामजी_कुलरिया की पावन स्मृति में भामाशाह एवं समाजसेवी श्री भँवर जी एवं श्री नरसी जी कुलरिया अपने परिवार सहित श्री कृष्ण गोपाल गौशाला नागौर मे संतश्री दुलारामजी कुलरिया नाम से बनी पानी की प्याऊ का उद्घाटन किया एवं  श्री भँवर जी एवं श्रीनरसी जी कुलरिया द्वारा 5,00,000 पाँच लाख रुपय का चेक गौशाला के महाराज जी को दिया गया गौशाला सेवा समिति द्वारा कुलरिया परिवार का स्वागत एवं अभिनंदन किया गया  राजस्थान के गौ भक्त ब्रह्मलीन संतश्री दुलारामजी कुलरिया कहते थे कि गौ सेवा एवं मानव सेवा से बड़ा कोई पुण्य नही है ।सब वेद पुराण गाय की महिमा गाते है, गाय की रक्षा करने स्वयं भगवान आते है। संतश्री के सुपुत्र समाजसेवी भँवर नरसी पुनम कुलरिया अपने पूजनीय पिताजी की तरहा गौ सेवा समाज सेवा एवं देश सेवा में हमेशा अग्रणी एवं तत्पर रहते हैं समस्त समाज की तरफ से कुलरिया परिवार द्वारा गौ सेवार्थ एवं मानव कल्याण कार्य के लिए हार्दिक आभार एवं अभिनंदन करते है 🌷🌷🌷

किसी सज्जन पुरुष ने समाजसेवी श्री नरसी जी कुलरिया द्वारा किए गये समाजसेवी कार्यों पर कुछ पंक्तियां प्रस्तुत की है जरूर पढ़े

चित्र
किसी सज्जन पुरुष ने समाजसेवी श्री नरसी जी कुलरिया द्वारा किए गये समाजसेवी कार्यों पर कुछ पंक्तियां प्रस्तुत की है जरूर पढ़े || जय श्री विश्वकर्मा भगवान || विश्वकर्मा समाज के गौरव श्रीमान नरसीराम जी सुथार कुलरिया जन्मभूमि सिलवा बीकानेर राजस्थान (कर्म भूमि मुंबई में नरसी समूह के डायरेक्टर है) और फर्नीचर एवं फिटिंग स्किल काउंसिल के को_चेयरमैन पद पर है आप विश्वकर्मा समाज के ऐसे भामाशाह है जिनकी समाज सेवा की लगन और दारवीरता का परिचय देखकर हजारों भामाशाह समाज सेवा में प्रोत्साहित होते हैं और बढ़ चढ़कर समाज सेवा करते है आप समस्त समाज बंधुऔ के प्रेरणास्त्रोत है समस्त समाज प्रेमी आपकी दारवीरता और गौ भक्ती के कायल है आपके द्वारा किए गये समाजहित कार्य देश एवं समाज के लिए हमेशा उदाहरण के रूप मे होते है आपके महान और दयालुता जीवन का परिचय आपने समूचे भारत में विश्वकर्मा समाज का इतना गौरव बढाया है कि आपकी शब्दो में जितनी तारिफ की जाये कम है आप किसी परिचय के मोहताज नहीं है समाज के प्रति आपकी सेवा आपकी दारवीरता आपका खुद परिचय दे रही है आप समस्त भारत में सम्मानित हो चुके हैं आपको विश्वकर्मा चैरिटेबल ट्रस्...

संत श्री दुलाराम जी कुलरिया || Sant Shri Dularam Ji Kularia||

चित्र
 संत श्री दुलाराम जी कुलरिया जिन्होंने गौ सेवा और समाज सेवा में अपना पूरा जीवन लगा दिया, जिनकी समाज सेवा की प्रेरणा आज भी गांवों में मौजूद है। संतजी ने अपने सरलता से लोगों के दिलों में अमिट छाप छोड़ी दी, आज भले ही संतजी इस दुनिया में नहीं है, लेकिन वे लोगों के दिलों में राज करते है। गौ सेवक संत श्री दुलाराम जी कुलरिया का सरल और सादगीपूर्ण जीवन लोगों के लिएप्रेरणादायक बना। संतजी हमेशा सादा जीवन और उच्च विचारों पर जोर देते, सादगी और सरलता उनके पहनावे में झलकती थी। सफेद चोला और धोती का पहनावा ही उनकी पहचाना था। संतजी में आत्मविश्वास इतना था कि कठिन से कठिन काम करते थे लेकिन कठिन काम के आगे भी कभी हार नहीं मानी। आज भले ही संतजी इस दुनिया में नहीं है लेकिन करोड़ों लोगों की दिलों में संतजी जिंदा है। बीकानेर के नोखा तहसील के मूलवास सिलवा में वटवृक्ष से आज भी प्रेरणा लेते है। गौ सेवक संत श्री दुलाराम जी कुलरिया का जन्म 25 मई 1935 में मूलवास गांव में हुआ। संतजी का शुरू से ही आध्यात्मिक ज्ञान की ओर झुकाव रहा। संतजी कम उम्र में ही गायों की सेवा में लग गये,साथ ही धीरे-धीरे समाज सेवा में आगे बढ...